पलामू में ठंड लगातार बढ़ती जा रही है ऐसे में जहां सम्पन्न परिवार ठंड को सबसे अच्छा मौसम मानकर ठंड का आनंद लेते है वहीं गरीब असहाय परिवार ठंड से राहत पाने के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हैं
ऐसे में गरीबों के लिए उम्मी कि किरण बनकर निकलीं है बेलवाटिका पलामू निवासी शर्मीला वर्मा जी जिन्होंने लगातार गरीबों के बीच रहकर गरीबों कि दर्द को देखा है तभी तो मेदिनीनगर में गरीबों के लिए निशुल्क कपड़ा बैंक संचालन कर के गरीबों की मशीहा बनी हुई है ये ऐसे कपड़ा बैंक है जहां से कोई खाली हाथ नहीं लौटता गरीब असहाय लोग खाली हाथ जाते हैं और झोला भर भर कर अपने एवं अपने परिवार के लिए कपड़े भरकर ले जाते हैं जरुरतमंद लोग कपड़ा लेने के बाद उनकी चेहरे पर खुशियां देखते बनती है
वहीं हाथों में कपड़ा लिए लोग कहते है अब ठंड पड़उ या पानी बरसउ शर्मीला दीदी हई ना हमनी के ठंड से जान बचावत हमनी खातिर देवी बन के आइल हथीन ई फ्रि वाला बैंक खोल के दीदी गरीब लोग खातिर बहुत पुण्य के काम करत हथीन भगवान इनका के कहीयो नहीं कमी करिहें वहीं मेदिनीनगर कपड़ा बैंक की संचालिका शर्मिला वर्मा कहती गरीबों को हैं ठंड से बचाने के लिए हर साइज की कपड़े हमारे पास उपलब्ध है है हमारी कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा जरुरतमंदो के बिच में गर्म कपड़ा के साथ उनकी जरूरत कि अन्य कपड़े देकर गरीबों कि चेहरे पर खुशियां बिखेर सकूं वहीं शर्मीला वर्मा कहती है कि हमारी छोटी सी सोच को कपड़ा डोनेट करने वाले दानदाताओं ने सोच को सच में बदलकर गरीबों के लिए एक नया पहल को सफल कर दिखाया इसलिए ये सभी श्रे हम अपने दानदाताओं को देते हैं आपकी छोटी छोटी कपड़ों कि दान गरीबों के लिए बन रही है वरदान
मेदिनीनगर कि जानीं मानी संस्था ( सेसा ) के माध्यम से आज मैंने गारु के सुदुरवर्ती जंगलों में चार बोडे कपड़े भरकर भेजा ताकि जो लोग यहां नहीं पहुंच सकते उन्हें उनके गांव तक कपड़ों से राहत पहुंचाई जा सकें
आप सभी सम्मानित नागरिकों से अपील करती हुं के आपके नज़र में जो भी गरीब असहाय जरुरतमंद लोग नज़र आएं उन्हें बेलवाटिका स्थत कपड़ा बैंक में भेजने की कृपा करें और पुण्य का भागी बनें